सुधा राठौर की किताब ‘आखर के पाखी’ का लोकार्पण
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नागपुर। सृजन बिंब प्रकाशन की नवकृति कवयित्री सुधा राठौर रचित ‘आखर के पाखी’ - गीत- नवगीत संग्रह का लोकार्पण ज़ूम पर (ऑन लाइन) सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर जगदीश व्योम, मुख्य अतिथि अमेरिका के वरिष्ठ साहित्यकार अनूप भार्गव, विशिष्ट अतिथि सुप्रसिद्ध गीतकार अनामिका सिंह अना थीं। कार्यक्रम का संचालन प्रकाशक रीमा दीवान चड्ढा ने किया। संयोजन एवं आभार साहित्यकार रंजना श्रीवास्तव ने किया।
कार्यक्रम के शुभारंभ में रचना राठौर पंजाबी ने सुमधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अध्यक्ष डॉ.जगदीश व्योम ने सुधाजी को इस महत्वपूर्ण कृति के लिये बधाई दी। नवगीत विधा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इन दिनों इस विधा पर अनेक गीतकार नवगीत लिख रहे हैं, किन्तु अभी उनकी रचनाओं में गहराई नहीं है, केवल तुक बंदी को नवगीत नहीं कहा जा सकता। उसमें लय का प्रवाह आवश्यक है।
‘हिन्दी से प्यार है’ अंतरराष्ट्रीय समूह के संस्थापक अनूप भार्गव ने नवगीतों की मुक्तकण्ठ से सराहना की। कवयित्री के गीतों में बिंब और प्रतीकों का उल्लेख करते हुए कवयित्री के एक गीत का पाठ करते हुए अपने वक्तव्य को सार्थकता दी।
सुप्रसिद्ध नवगीतकार अनामिकाजी ने सुधा राठौर के संग्रह पर अपनी अभिव्यक्ति में कवयित्री को उनकी भाषायी ताज़गी और कई प्राचीनतम शब्दों के प्रयोग की बधाई देते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं। रंजना श्रीवास्तव ने सुंदर नवगीतों की प्रशंसा के साथ सुंदर प्रकाशन के लिये भी बधाई दी। इस आयोजन में विदेश से प्रीति गोविंद राज, पुणे से प्रेमा ठाकुर, मुंबई से निर्मला पांडेय, नागपुर से श्रीमती कृष्णा श्रीवास्तव, डॉ. राजेन्द्र पालीवाल, विनय मोहन्ता, मधु सिंघी, पूनम मिश्रा और रीटा राठौर सम्मिलित हुये।